आजची होरा – चंडीगड
शुक्रवार, 30 ऑक्टोबर 2026 · कार्तिक कृष्ण पंचमी · विक्रम संवत 2083
☀️ दिवसाची होरा
| होरा | वेळ | कोणत्या कामासाठी चांगली |
|---|---|---|
| शुक्र | सुबह 6:35 – सुबह 7:31 | कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र खरेदी, प्रेम |
| बुध | सुबह 7:31 – सुबह 8:26 | अभ्यास, लेखन, व्यापार, संवाद |
| चंद्र | सुबह 8:26 – सुबह 9:21 | प्रवास, पाण्याशी संबंधित कामे, आईची भेट |
| शनी | सुबह 9:21 – सुबह 10:16 | कष्टाची कामे, यंत्रे, सेवा कार्य |
| गुरु | सुबह 10:16 – सुबह 11:11 | पूजा, शिक्षण, लग्नाची बोलणी, गुंतवणूक |
| मंगळ | सुबह 11:11 – दोपहर 12:06 | जमीन, धाडसाची कामे, खेळ, वाद मिटवणे |
| सूर्य | दोपहर 12:06 – दोपहर 1:01 | सरकारी काम, नेतृत्व, वडिलांशी संबंधित कामे |
| शुक्र | दोपहर 1:01 – दोपहर 1:56 | कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र खरेदी, प्रेम |
| बुध | दोपहर 1:56 – दोपहर 2:51 | अभ्यास, लेखन, व्यापार, संवाद |
| चंद्र | दोपहर 2:51 – दोपहर 3:46 | प्रवास, पाण्याशी संबंधित कामे, आईची भेट |
| शनी | दोपहर 3:46 – शाम 4:41 | कष्टाची कामे, यंत्रे, सेवा कार्य |
| गुरु | शाम 4:41 – शाम 5:36 | पूजा, शिक्षण, लग्नाची बोलणी, गुंतवणूक |
🌙 रात्रीची होरा
| होरा | वेळ | कोणत्या कामासाठी चांगली |
|---|---|---|
| मंगळ | शाम 5:36 – शाम 6:41 | जमीन, धाडसाची कामे, खेळ, वाद मिटवणे |
| सूर्य | शाम 6:41 – रात 7:46 | सरकारी काम, नेतृत्व, वडिलांशी संबंधित कामे |
| शुक्र | रात 7:46 – रात 8:51 | कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र खरेदी, प्रेम |
| बुध | रात 8:51 – रात 9:56 | अभ्यास, लेखन, व्यापार, संवाद |
| चंद्र | रात 9:56 – रात 11:01 | प्रवास, पाण्याशी संबंधित कामे, आईची भेट |
| शनी | रात 11:01 – रात 12:06 (31 ऑक्टो.) | कष्टाची कामे, यंत्रे, सेवा कार्य |
| गुरु | रात 12:06 (31 ऑक्टो.) – रात 1:11 (31 ऑक्टो.) | पूजा, शिक्षण, लग्नाची बोलणी, गुंतवणूक |
| मंगळ | रात 1:11 (31 ऑक्टो.) – रात 2:16 (31 ऑक्टो.) | जमीन, धाडसाची कामे, खेळ, वाद मिटवणे |
| सूर्य | रात 2:16 (31 ऑक्टो.) – रात 3:21 (31 ऑक्टो.) | सरकारी काम, नेतृत्व, वडिलांशी संबंधित कामे |
| शुक्र | रात 3:21 (31 ऑक्टो.) – सुबह 4:26 (31 ऑक्टो.) | कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र खरेदी, प्रेम |
| बुध | सुबह 4:26 (31 ऑक्टो.) – सुबह 5:31 (31 ऑक्टो.) | अभ्यास, लेखन, व्यापार, संवाद |
| चंद्र | सुबह 5:31 (31 ऑक्टो.) – सुबह 6:36 (31 ऑक्टो.) | प्रवास, पाण्याशी संबंधित कामे, आईची भेट |
होरा म्हणजे काय?
दिवस आणि रात्र प्रत्येकी बारा भागांत विभागून प्रत्येक भागाला एका ग्रहाची होरा म्हणतात. सूर्योदयाच्या वेळी त्या वाराच्या स्वामी ग्रहाची होरा असते – रविवारी सूर्याची, सोमवारी चंद्राची. त्यानंतर क्रमाने शुक्र, बुध, चंद्र, शनी, गुरु, मंगळ आणि पुन्हा सूर्याची होरा येते. ज्या ग्रहाशी संबंधित काम असेल ते त्याच्या होरेत करणे शुभ मानले जाते.
🌆 प्रमुख शहरांचे होरा
वेळा चंडीगड (IST) साठी खगोलीय गणनेने काढल्या आहेत. व्रत-सणांच्या अचूक मुहूर्तासाठी आपल्या गुरुजींकडून खात्री करा.