आजची होरा – कोलकाता
बुधवार, 4 नोव्हेंबर 2026 · कार्तिक कृष्ण दशमी · विक्रम संवत 2083
☀️ दिवसाची होरा
| होरा | वेळ | कोणत्या कामासाठी चांगली |
|---|---|---|
| बुध | सुबह 5:42 – सुबह 6:38 | अभ्यास, लेखन, व्यापार, संवाद |
| चंद्र | सुबह 6:38 – सुबह 7:34 | प्रवास, पाण्याशी संबंधित कामे, आईची भेट |
| शनी | सुबह 7:34 – सुबह 8:31 | कष्टाची कामे, यंत्रे, सेवा कार्य |
| गुरु | सुबह 8:31 – सुबह 9:27 | पूजा, शिक्षण, लग्नाची बोलणी, गुंतवणूक |
| मंगळ | सुबह 9:27 – सुबह 10:23 | जमीन, धाडसाची कामे, खेळ, वाद मिटवणे |
| सूर्य | सुबह 10:23 – सुबह 11:20 | सरकारी काम, नेतृत्व, वडिलांशी संबंधित कामे |
| शुक्र | सुबह 11:20 – दोपहर 12:16 | कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र खरेदी, प्रेम |
| बुध | दोपहर 12:16 – दोपहर 1:12 | अभ्यास, लेखन, व्यापार, संवाद |
| चंद्र | दोपहर 1:12 – दोपहर 2:08 | प्रवास, पाण्याशी संबंधित कामे, आईची भेट |
| शनी | दोपहर 2:08 – दोपहर 3:05 | कष्टाची कामे, यंत्रे, सेवा कार्य |
| गुरु | दोपहर 3:05 – शाम 4:01 | पूजा, शिक्षण, लग्नाची बोलणी, गुंतवणूक |
| मंगळ | शाम 4:01 – शाम 4:57 | जमीन, धाडसाची कामे, खेळ, वाद मिटवणे |
🌙 रात्रीची होरा
| होरा | वेळ | कोणत्या कामासाठी चांगली |
|---|---|---|
| सूर्य | शाम 4:57 – शाम 6:01 | सरकारी काम, नेतृत्व, वडिलांशी संबंधित कामे |
| शुक्र | शाम 6:01 – रात 7:05 | कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र खरेदी, प्रेम |
| बुध | रात 7:05 – रात 8:08 | अभ्यास, लेखन, व्यापार, संवाद |
| चंद्र | रात 8:08 – रात 9:12 | प्रवास, पाण्याशी संबंधित कामे, आईची भेट |
| शनी | रात 9:12 – रात 10:16 | कष्टाची कामे, यंत्रे, सेवा कार्य |
| गुरु | रात 10:16 – रात 11:20 | पूजा, शिक्षण, लग्नाची बोलणी, गुंतवणूक |
| मंगळ | रात 11:20 – रात 12:24 (5 नोव्हें.) | जमीन, धाडसाची कामे, खेळ, वाद मिटवणे |
| सूर्य | रात 12:24 (5 नोव्हें.) – रात 1:27 (5 नोव्हें.) | सरकारी काम, नेतृत्व, वडिलांशी संबंधित कामे |
| शुक्र | रात 1:27 (5 नोव्हें.) – रात 2:31 (5 नोव्हें.) | कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र खरेदी, प्रेम |
| बुध | रात 2:31 (5 नोव्हें.) – रात 3:35 (5 नोव्हें.) | अभ्यास, लेखन, व्यापार, संवाद |
| चंद्र | रात 3:35 (5 नोव्हें.) – सुबह 4:39 (5 नोव्हें.) | प्रवास, पाण्याशी संबंधित कामे, आईची भेट |
| शनी | सुबह 4:39 (5 नोव्हें.) – सुबह 5:43 (5 नोव्हें.) | कष्टाची कामे, यंत्रे, सेवा कार्य |
होरा म्हणजे काय?
दिवस आणि रात्र प्रत्येकी बारा भागांत विभागून प्रत्येक भागाला एका ग्रहाची होरा म्हणतात. सूर्योदयाच्या वेळी त्या वाराच्या स्वामी ग्रहाची होरा असते – रविवारी सूर्याची, सोमवारी चंद्राची. त्यानंतर क्रमाने शुक्र, बुध, चंद्र, शनी, गुरु, मंगळ आणि पुन्हा सूर्याची होरा येते. ज्या ग्रहाशी संबंधित काम असेल ते त्याच्या होरेत करणे शुभ मानले जाते.
🌆 प्रमुख शहरांचे होरा
वेळा कोलकाता (IST) साठी खगोलीय गणनेने काढल्या आहेत. व्रत-सणांच्या अचूक मुहूर्तासाठी आपल्या गुरुजींकडून खात्री करा.