आजची होरा – वाराणसी
बुधवार, 4 नोव्हेंबर 2026 · कार्तिक कृष्ण दशमी · विक्रम संवत 2083
☀️ दिवसाची होरा
| होरा | वेळ | कोणत्या कामासाठी चांगली |
|---|---|---|
| बुध | सकाळी 6:07 – सकाळी 7:03 | अभ्यास, लेखन, व्यापार, संवाद |
| चंद्र | सकाळी 7:03 – सकाळी 7:58 | प्रवास, पाण्याशी संबंधित कामे, आईची भेट |
| शनी | सकाळी 7:58 – सकाळी 8:54 | कष्टाची कामे, यंत्रे, सेवा कार्य |
| गुरु | सकाळी 8:54 – सकाळी 9:50 | पूजा, शिक्षण, लग्नाची बोलणी, गुंतवणूक |
| मंगळ | सकाळी 9:50 – सकाळी 10:45 | जमीन, धाडसाची कामे, खेळ, वाद मिटवणे |
| सूर्य | सकाळी 10:45 – सकाळी 11:41 | सरकारी काम, नेतृत्व, वडिलांशी संबंधित कामे |
| शुक्र | सकाळी 11:41 – दुपारी 12:37 | कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र खरेदी, प्रेम |
| बुध | दुपारी 12:37 – दुपारी 1:32 | अभ्यास, लेखन, व्यापार, संवाद |
| चंद्र | दुपारी 1:32 – दुपारी 2:28 | प्रवास, पाण्याशी संबंधित कामे, आईची भेट |
| शनी | दुपारी 2:28 – दुपारी 3:24 | कष्टाची कामे, यंत्रे, सेवा कार्य |
| गुरु | दुपारी 3:24 – संध्याकाळी 4:19 | पूजा, शिक्षण, लग्नाची बोलणी, गुंतवणूक |
| मंगळ | संध्याकाळी 4:19 – संध्याकाळी 5:15 | जमीन, धाडसाची कामे, खेळ, वाद मिटवणे |
🌙 रात्रीची होरा
| होरा | वेळ | कोणत्या कामासाठी चांगली |
|---|---|---|
| सूर्य | संध्याकाळी 5:15 – संध्याकाळी 6:19 | सरकारी काम, नेतृत्व, वडिलांशी संबंधित कामे |
| शुक्र | संध्याकाळी 6:19 – रात्री 7:24 | कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र खरेदी, प्रेम |
| बुध | रात्री 7:24 – रात्री 8:28 | अभ्यास, लेखन, व्यापार, संवाद |
| चंद्र | रात्री 8:28 – रात्री 9:33 | प्रवास, पाण्याशी संबंधित कामे, आईची भेट |
| शनी | रात्री 9:33 – रात्री 10:37 | कष्टाची कामे, यंत्रे, सेवा कार्य |
| गुरु | रात्री 10:37 – रात्री 11:41 | पूजा, शिक्षण, लग्नाची बोलणी, गुंतवणूक |
| मंगळ | रात्री 11:41 – रात्री 12:46 (5 नोव्हें.) | जमीन, धाडसाची कामे, खेळ, वाद मिटवणे |
| सूर्य | रात्री 12:46 (5 नोव्हें.) – रात्री 1:50 (5 नोव्हें.) | सरकारी काम, नेतृत्व, वडिलांशी संबंधित कामे |
| शुक्र | रात्री 1:50 (5 नोव्हें.) – रात्री 2:55 (5 नोव्हें.) | कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र खरेदी, प्रेम |
| बुध | रात्री 2:55 (5 नोव्हें.) – रात्री 3:59 (5 नोव्हें.) | अभ्यास, लेखन, व्यापार, संवाद |
| चंद्र | रात्री 3:59 (5 नोव्हें.) – सकाळी 5:03 (5 नोव्हें.) | प्रवास, पाण्याशी संबंधित कामे, आईची भेट |
| शनी | सकाळी 5:03 (5 नोव्हें.) – सकाळी 6:08 (5 नोव्हें.) | कष्टाची कामे, यंत्रे, सेवा कार्य |
होरा म्हणजे काय?
दिवस आणि रात्र प्रत्येकी बारा भागांत विभागून प्रत्येक भागाला एका ग्रहाची होरा म्हणतात. सूर्योदयाच्या वेळी त्या वाराच्या स्वामी ग्रहाची होरा असते – रविवारी सूर्याची, सोमवारी चंद्राची. त्यानंतर क्रमाने शुक्र, बुध, चंद्र, शनी, गुरु, मंगळ आणि पुन्हा सूर्याची होरा येते. ज्या ग्रहाशी संबंधित काम असेल ते त्याच्या होरेत करणे शुभ मानले जाते.
🌆 प्रमुख शहरांचे होरा
वेळा वाराणसी (IST) साठी खगोलीय गणनेने काढल्या आहेत. व्रत-सणांच्या अचूक मुहूर्तासाठी आपल्या गुरुजींकडून खात्री करा.