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📍 नई दिल्ली शनिवार, 7 नवंबर 2026 विक्रम संवत 2083 कृष्ण त्रयोदशी · चित्रा आज का पंचांगआज का मंत्र
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आज का चौघड़िया – भुवनेश्वर

शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 · कार्तिक कृष्ण पंचमी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
चरसुबह 5:47 – सुबह 7:13सामान्य
लाभसुबह 7:13 – सुबह 8:38शुभ
अमृतसुबह 8:38 – सुबह 10:04शुभ
कालसुबह 10:04 – सुबह 11:30अशुभ
शुभसुबह 11:30 – दोपहर 12:55शुभ
रोगदोपहर 12:55 – दोपहर 2:21अशुभ
उद्वेगदोपहर 2:21 – दोपहर 3:47अशुभ
चरदोपहर 3:47 – शाम 5:13सामान्य

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
रोगशाम 5:13 – शाम 6:47अशुभ
कालशाम 6:47 – रात 8:21अशुभ
लाभरात 8:21 – रात 9:56शुभ
उद्वेगरात 9:56 – रात 11:30अशुभ
शुभरात 11:30 – रात 1:04 (31 अक्टू॰)शुभ
अमृतरात 1:04 (31 अक्टू॰) – रात 2:39 (31 अक्टू॰)शुभ
चररात 2:39 (31 अक्टू॰) – सुबह 4:13 (31 अक्टू॰)सामान्य
रोगसुबह 4:13 (31 अक्टू॰) – सुबह 5:47 (31 अक्टू॰)अशुभ

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

समय भुवनेश्वर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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