मंत्र संग्रह – अर्थ और लाभ सहित
गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र, ॐ नमः शिवाय और अन्य प्रमुख मंत्र, उनके अर्थ, जाप विधि और लाभ के साथ।
गायत्री मंत्र
ऋग्वेद (3.62.10) का गायत्री मंत्र सबसे प्राचीन और पवित्र वैदिक मंत्रों में से एक है, जो उज्ज्वल और शुद्ध बुद्…
महामृत्युंजय मंत्र
ऋग्वेद (7.59.12) का महामृत्युंजय मंत्र स्वास्थ्य, लंबी आयु और मोक्ष के लिए भगवान शिव की प्रार्थना है।
ॐ नमः शिवाय (पंचाक्षरी मंत्र)
ॐ नमः शिवाय, यजुर्वेद के श्री रुद्रम् से लिया गया पाँच अक्षरों वाला पंचाक्षरी मंत्र, भगवान शिव का मुख्य मंत्र…
हरे कृष्ण महामंत्र
हरे कृष्ण महामंत्र कलि-संतरण उपनिषद में आता है और इसका प्रचार श्री चैतन्य महाप्रभु ने किया।
वक्रतुण्ड महाकाय (गणेश मंत्र)
यह श्लोक किसी भी कार्य, यात्रा या पूजा की शुरुआत में भगवान गणेश से विघ्न दूर करने की प्रार्थना के लिए पढ़ा जा…
सरस्वती वंदना (या कुन्देन्दु)
या कुन्देन्दु तुषार हार धवला माँ सरस्वती की शास्त्रीय वंदना है, जो विद्यालयों में और वसंत पंचमी पर गाई जाती ह…
शांति मंत्र (ॐ सह नाववतु)
तैत्तिरीय उपनिषद का ॐ सह नाववतु मंत्र गुरु और शिष्य पढ़ाई से पहले साथ मिलकर बोलते हैं।
श्री राम रक्षा मंत्र (श्री राम राम रामेति)
राम रक्षा स्तोत्र का यह श्लोक बताता है कि तीन बार 'राम' नाम लेना विष्णु के सहस्र नामों के जाप के बराबर है।
शनि मंत्र (नीलाञ्जन समाभासं)
शनि देव का यह नवग्रह श्लोक शनिवार को साढ़े साती और शनि दोष के प्रभाव कम करने के लिए पढ़ा जाता है।