धनतेरस 2026: शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
धनतेरस 2026 का महत्व
धनतेरस (धन त्रयोदशी) कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को आती है। मान्यता है कि देवताओं के वैद्य भगवान धन्वंतरि इसी दिन अमृत कलश लेकर क्षीर सागर से प्रकट हुए थे। लोग स्वास्थ्य और धन की प्रार्थना करते हैं और परिवार को अकाल मृत्यु से बचाने के लिए यम दीपदान करते हैं।
तिथि: 2026 में धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है। मुहूर्त का सटीक समय आपके शहर पर निर्भर करता है।
कैसे मनाते हैं
शाम को घर के द्वार पर रंगोली बनाकर दीये जलाए जाते हैं और प्रदोष काल में धन्वंतरि, लक्ष्मी और कुबेर की पूजा होती है। बाज़ारों में सोना-चाँदी, बर्तन, झाड़ू और धनिया के बीज खरीदने की परंपरा है। आयुर्वेद से जुड़े लोग इस दिन को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाते हैं।
ध्यान रखने योग्य बातें
- खरीदारी शुभ मुहूर्त में करें; खाली बर्तन घर न लाएँ, उसमें कुछ मिठाई या चावल डालें।
- यम दीपदान का दीया घर के बाहर दक्षिण दिशा में रखें।
- उधार देने या लेने से इस दिन बचने की परंपरा है।
🪔 पूजा विधि
- घर की सफाई करें और द्वार पर रंगोली बनाएँ
- शाम को (प्रदोष काल में) भगवान धन्वंतरि, माँ लक्ष्मी और कुबेर की पूजा करें
- यम दीपदान के लिए दक्षिण दिशा की ओर चौमुखा दीया जलाएँ
- समृद्धि के प्रतीक के रूप में कोई नई धातु की वस्तु, सोना या चाँदी खरीदें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
धनतेरस 2026 कब है?
धनतेरस 2026 शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है।
अंतिम अपडेट: 3 नव॰ 2026 · क्षेत्र और परंपरा के अनुसार तिथियाँ भिन्न हो सकती हैं।