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आज का चौघड़िया – जयपुर

मंगलवार, 17 नवंबर 2026 · कार्तिक शुक्ल अष्टमी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
रोगसुबह 6:47 – सुबह 8:08अशुभ
उद्वेगसुबह 8:08 – सुबह 9:29अशुभ
चरसुबह 9:29 – सुबह 10:50सामान्य
लाभसुबह 10:50 – दोपहर 12:11शुभ
अमृतदोपहर 12:11 – दोपहर 1:32शुभ
कालदोपहर 1:32 – दोपहर 2:53अशुभ
शुभदोपहर 2:53 – शाम 4:14शुभ
रोगशाम 4:14 – शाम 5:35अशुभ

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
कालशाम 5:35 – रात 7:14अशुभ
लाभरात 7:14 – रात 8:53शुभ
उद्वेगरात 8:53 – रात 10:32अशुभ
शुभरात 10:32 – रात 12:12 (18 नव॰)शुभ
अमृतरात 12:12 (18 नव॰) – रात 1:51 (18 नव॰)शुभ
चररात 1:51 (18 नव॰) – रात 3:30 (18 नव॰)सामान्य
रोगरात 3:30 (18 नव॰) – सुबह 5:09 (18 नव॰)अशुभ
कालसुबह 5:09 (18 नव॰) – सुबह 6:48 (18 नव॰)अशुभ

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

समय जयपुर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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