आज का चौघड़िया – जयपुर
रविवार, 31 जनवरी 2027 · माघ कृष्ण दशमी · विक्रम संवत 2083
☀️ दिन का चौघड़िया
| चौघड़िया | समय | फल |
|---|---|---|
| उद्वेग | सुबह 7:13 – सुबह 8:34 | अशुभ |
| चर | सुबह 8:34 – सुबह 9:56 | सामान्य |
| लाभ | सुबह 9:56 – सुबह 11:18 | शुभ |
| अमृत | सुबह 11:18 – दोपहर 12:40 | शुभ |
| काल | दोपहर 12:40 – दोपहर 2:02 | अशुभ |
| शुभ | दोपहर 2:02 – दोपहर 3:24 | शुभ |
| रोग | दोपहर 3:24 – शाम 4:45 | अशुभ |
| उद्वेग | शाम 4:45 – शाम 6:07 | अशुभ |
🌙 रात का चौघड़िया
| चौघड़िया | समय | फल |
|---|---|---|
| शुभ | शाम 6:07 – रात 7:45 | शुभ |
| अमृत | रात 7:45 – रात 9:23 | शुभ |
| चर | रात 9:23 – रात 11:02 | सामान्य |
| रोग | रात 11:02 – रात 12:40 (1 फ़र॰) | अशुभ |
| काल | रात 12:40 (1 फ़र॰) – रात 2:18 (1 फ़र॰) | अशुभ |
| लाभ | रात 2:18 (1 फ़र॰) – रात 3:56 (1 फ़र॰) | शुभ |
| उद्वेग | रात 3:56 (1 फ़र॰) – सुबह 5:34 (1 फ़र॰) | अशुभ |
| शुभ | सुबह 5:34 (1 फ़र॰) – सुबह 7:12 (1 फ़र॰) | शुभ |
चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।
🌆 प्रमुख शहरों का चौघड़िया
समय जयपुर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।