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आज का चौघड़िया – जयपुर

रविवार, 18 अप्रैल 2027 · चैत्र शुक्ल द्वादशी · विक्रम संवत 2084

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
उद्वेगसुबह 6:00 – सुबह 7:37अशुभ
चरसुबह 7:37 – सुबह 9:13सामान्य
लाभसुबह 9:13 – सुबह 10:50शुभ
अमृतसुबह 10:50 – दोपहर 12:26शुभ
कालदोपहर 12:26 – दोपहर 2:03अशुभ
शुभदोपहर 2:03 – दोपहर 3:39शुभ
रोगदोपहर 3:39 – शाम 5:15अशुभ
उद्वेगशाम 5:15 – शाम 6:52अशुभ

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
शुभशाम 6:52 – रात 8:15शुभ
अमृतरात 8:15 – रात 9:39शुभ
चररात 9:39 – रात 11:02सामान्य
रोगरात 11:02 – रात 12:26 (19 अप्रैल)अशुभ
कालरात 12:26 (19 अप्रैल) – रात 1:49 (19 अप्रैल)अशुभ
लाभरात 1:49 (19 अप्रैल) – रात 3:12 (19 अप्रैल)शुभ
उद्वेगरात 3:12 (19 अप्रैल) – सुबह 4:36 (19 अप्रैल)अशुभ
शुभसुबह 4:36 (19 अप्रैल) – सुबह 5:59 (19 अप्रैल)शुभ

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

समय जयपुर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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