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रविवार, 8 नवंबर 2026 विक्रम संवत 2083 कृष्ण चतुर्दशी · स्वाती आज का पंचांगआज का मंत्र
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आज का चौघड़िया – वाराणसी

रविवार, 8 नवंबर 2026 · कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी · विक्रम संवत 2083

⏱️ अभी का समय कैसा है?

सुबह 4:30 पर
अभी का चौघड़ियाकाल · अशुभसुबह 4:33 तक
इसके बादलाभ · शुभसुबह 4:33 – सुबह 6:10
अभी की होरागुरुसुबह 5:05 तक

अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया नए काम के लिए अच्छे माने जाते हैं; रोग, काल और उद्वेग में शुभ काम टालें।

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
उद्वेगसुबह 6:10 – सुबह 7:33अशुभ
चरसुबह 7:33 – सुबह 8:55सामान्य
लाभसुबह 8:55 – सुबह 10:18शुभ
अमृतसुबह 10:18 – सुबह 11:41शुभ
कालसुबह 11:41 – दोपहर 1:04अशुभ
शुभदोपहर 1:04 – दोपहर 2:27शुभ
रोगदोपहर 2:27 – दोपहर 3:50अशुभ
उद्वेगदोपहर 3:50 – शाम 5:13अशुभ

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
शुभशाम 5:13 – शाम 6:50शुभ
अमृतशाम 6:50 – रात 8:27शुभ
चररात 8:27 – रात 10:04सामान्य
रोगरात 10:04 – रात 11:42अशुभ
कालरात 11:42 – रात 1:19 (9 नव॰)अशुभ
लाभरात 1:19 (9 नव॰) – रात 2:56 (9 नव॰)शुभ
उद्वेगरात 2:56 (9 नव॰) – सुबह 4:33 (9 नव॰)अशुभ
शुभसुबह 4:33 (9 नव॰) – सुबह 6:10 (9 नव॰)शुभ

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

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समय वाराणसी (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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