आज का चौघड़िया – पटना
सोमवार, 14 सितंबर 2026 · भाद्रपद शुक्ल तृतीया · विक्रम संवत 2083
☀️ दिन का चौघड़िया
| चौघड़िया | समय | फल |
|---|---|---|
| अमृत | सुबह 5:34 – सुबह 7:07 | शुभ |
| काल | सुबह 7:07 – सुबह 8:39 | अशुभ |
| शुभ | सुबह 8:39 – सुबह 10:12 | शुभ |
| रोग | सुबह 10:12 – सुबह 11:44 | अशुभ |
| उद्वेग | सुबह 11:44 – दोपहर 1:17 | अशुभ |
| चर | दोपहर 1:17 – दोपहर 2:49 | सामान्य |
| लाभ | दोपहर 2:49 – शाम 4:22 | शुभ |
| अमृत | शाम 4:22 – शाम 5:55 | शुभ |
🌙 रात का चौघड़िया
| चौघड़िया | समय | फल |
|---|---|---|
| चर | शाम 5:55 – रात 7:22 | सामान्य |
| रोग | रात 7:22 – रात 8:50 | अशुभ |
| काल | रात 8:50 – रात 10:17 | अशुभ |
| लाभ | रात 10:17 – रात 11:45 | शुभ |
| उद्वेग | रात 11:45 – रात 1:12 (15 सित॰) | अशुभ |
| शुभ | रात 1:12 (15 सित॰) – रात 2:40 (15 सित॰) | शुभ |
| अमृत | रात 2:40 (15 सित॰) – सुबह 4:07 (15 सित॰) | शुभ |
| चर | सुबह 4:07 (15 सित॰) – सुबह 5:35 (15 सित॰) | सामान्य |
चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।
🌆 प्रमुख शहरों का चौघड़िया
समय पटना (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।