आज का चौघड़िया – पटना
मंगलवार, 22 सितंबर 2026 · भाद्रपद शुक्ल एकादशी · विक्रम संवत 2083
☀️ दिन का चौघड़िया
| चौघड़िया | समय | फल |
|---|---|---|
| रोग | सुबह 5:37 – सुबह 7:08 | अशुभ |
| उद्वेग | सुबह 7:08 – सुबह 8:39 | अशुभ |
| चर | सुबह 8:39 – सुबह 10:11 | सामान्य |
| लाभ | सुबह 10:11 – सुबह 11:42 | शुभ |
| अमृत | सुबह 11:42 – दोपहर 1:13 | शुभ |
| काल | दोपहर 1:13 – दोपहर 2:44 | अशुभ |
| शुभ | दोपहर 2:44 – शाम 4:15 | शुभ |
| रोग | शाम 4:15 – शाम 5:46 | अशुभ |
🌙 रात का चौघड़िया
| चौघड़िया | समय | फल |
|---|---|---|
| काल | शाम 5:46 – रात 7:15 | अशुभ |
| लाभ | रात 7:15 – रात 8:44 | शुभ |
| उद्वेग | रात 8:44 – रात 10:13 | अशुभ |
| शुभ | रात 10:13 – रात 11:42 | शुभ |
| अमृत | रात 11:42 – रात 1:11 (23 सित॰) | शुभ |
| चर | रात 1:11 (23 सित॰) – रात 2:40 (23 सित॰) | सामान्य |
| रोग | रात 2:40 (23 सित॰) – सुबह 4:09 (23 सित॰) | अशुभ |
| काल | सुबह 4:09 (23 सित॰) – सुबह 5:38 (23 सित॰) | अशुभ |
चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।
🌆 प्रमुख शहरों का चौघड़िया
समय पटना (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।