आज का चौघड़िया – उज्जैन
मंगलवार, 16 मार्च 2027 · फाल्गुन शुक्ल अष्टमी · विक्रम संवत 2083
☀️ दिन का चौघड़िया
| चौघड़िया | समय | फल |
|---|---|---|
| रोग | सुबह 6:35 – सुबह 8:05 | अशुभ |
| उद्वेग | सुबह 8:05 – सुबह 9:35 | अशुभ |
| चर | सुबह 9:35 – सुबह 11:05 | सामान्य |
| लाभ | सुबह 11:05 – दोपहर 12:35 | शुभ |
| अमृत | दोपहर 12:35 – दोपहर 2:05 | शुभ |
| काल | दोपहर 2:05 – दोपहर 3:36 | अशुभ |
| शुभ | दोपहर 3:36 – शाम 5:06 | शुभ |
| रोग | शाम 5:06 – शाम 6:36 | अशुभ |
🌙 रात का चौघड़िया
| चौघड़िया | समय | फल |
|---|---|---|
| काल | शाम 6:36 – रात 8:06 | अशुभ |
| लाभ | रात 8:06 – रात 9:35 | शुभ |
| उद्वेग | रात 9:35 – रात 11:05 | अशुभ |
| शुभ | रात 11:05 – रात 12:35 (17 मार्च) | शुभ |
| अमृत | रात 12:35 (17 मार्च) – रात 2:05 (17 मार्च) | शुभ |
| चर | रात 2:05 (17 मार्च) – रात 3:34 (17 मार्च) | सामान्य |
| रोग | रात 3:34 (17 मार्च) – सुबह 5:04 (17 मार्च) | अशुभ |
| काल | सुबह 5:04 (17 मार्च) – सुबह 6:34 (17 मार्च) | अशुभ |
चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।
🌆 प्रमुख शहरों का चौघड़िया
समय उज्जैन (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।