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आज का चौघड़िया – वाराणसी

शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 · आश्विन शुक्ल सप्तमी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
कालसुबह 5:57 – सुबह 7:23अशुभ
शुभसुबह 7:23 – सुबह 8:50शुभ
रोगसुबह 8:50 – सुबह 10:16अशुभ
उद्वेगसुबह 10:16 – सुबह 11:43अशुभ
चरसुबह 11:43 – दोपहर 1:09सामान्य
लाभदोपहर 1:09 – दोपहर 2:36शुभ
अमृतदोपहर 2:36 – शाम 4:02शुभ
कालशाम 4:02 – शाम 5:29अशुभ

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
लाभशाम 5:29 – रात 7:02शुभ
उद्वेगरात 7:02 – रात 8:36अशुभ
शुभरात 8:36 – रात 10:10शुभ
अमृतरात 10:10 – रात 11:43शुभ
चररात 11:43 – रात 1:17 (18 अक्टू॰)सामान्य
रोगरात 1:17 (18 अक्टू॰) – रात 2:50 (18 अक्टू॰)अशुभ
कालरात 2:50 (18 अक्टू॰) – सुबह 4:24 (18 अक्टू॰)अशुभ
लाभसुबह 4:24 (18 अक्टू॰) – सुबह 5:57 (18 अक्टू॰)शुभ

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

समय वाराणसी (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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