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आज का चौघड़िया – वाराणसी

मंगलवार, 2 मार्च 2027 · फाल्गुन कृष्ण दशमी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
रोगसुबह 6:20 – सुबह 7:48अशुभ
उद्वेगसुबह 7:48 – सुबह 9:15अशुभ
चरसुबह 9:15 – सुबह 10:43सामान्य
लाभसुबह 10:43 – दोपहर 12:10शुभ
अमृतदोपहर 12:10 – दोपहर 1:37शुभ
कालदोपहर 1:37 – दोपहर 3:05अशुभ
शुभदोपहर 3:05 – शाम 4:32शुभ
रोगशाम 4:32 – शाम 6:00अशुभ

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
कालशाम 6:00 – रात 7:32अशुभ
लाभरात 7:32 – रात 9:05शुभ
उद्वेगरात 9:05 – रात 10:37अशुभ
शुभरात 10:37 – रात 12:10 (3 मार्च)शुभ
अमृतरात 12:10 (3 मार्च) – रात 1:42 (3 मार्च)शुभ
चररात 1:42 (3 मार्च) – रात 3:14 (3 मार्च)सामान्य
रोगरात 3:14 (3 मार्च) – सुबह 4:47 (3 मार्च)अशुभ
कालसुबह 4:47 (3 मार्च) – सुबह 6:19 (3 मार्च)अशुभ

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

समय वाराणसी (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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