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आज का चौघड़िया – वाराणसी

शुक्रवार, 5 मार्च 2027 · फाल्गुन कृष्ण द्वादशी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
चरसुबह 6:17 – सुबह 7:45सामान्य
लाभसुबह 7:45 – सुबह 9:13शुभ
अमृतसुबह 9:13 – सुबह 10:41शुभ
कालसुबह 10:41 – दोपहर 12:09अशुभ
शुभदोपहर 12:09 – दोपहर 1:37शुभ
रोगदोपहर 1:37 – दोपहर 3:05अशुभ
उद्वेगदोपहर 3:05 – शाम 4:33अशुभ
चरशाम 4:33 – शाम 6:01सामान्य

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
रोगशाम 6:01 – रात 7:33अशुभ
कालरात 7:33 – रात 9:05अशुभ
लाभरात 9:05 – रात 10:37शुभ
उद्वेगरात 10:37 – रात 12:09 (6 मार्च)अशुभ
शुभरात 12:09 (6 मार्च) – रात 1:41 (6 मार्च)शुभ
अमृतरात 1:41 (6 मार्च) – रात 3:13 (6 मार्च)शुभ
चररात 3:13 (6 मार्च) – सुबह 4:45 (6 मार्च)सामान्य
रोगसुबह 4:45 (6 मार्च) – सुबह 6:16 (6 मार्च)अशुभ

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

समय वाराणसी (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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