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आज का चौघड़िया – वाराणसी

शुक्रवार, 16 अप्रैल 2027 · चैत्र शुक्ल दशमी · विक्रम संवत 2084

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
चरसुबह 5:35 – सुबह 7:11सामान्य
लाभसुबह 7:11 – सुबह 8:46शुभ
अमृतसुबह 8:46 – सुबह 10:22शुभ
कालसुबह 10:22 – सुबह 11:58अशुभ
शुभसुबह 11:58 – दोपहर 1:33शुभ
रोगदोपहर 1:33 – दोपहर 3:09अशुभ
उद्वेगदोपहर 3:09 – शाम 4:45अशुभ
चरशाम 4:45 – शाम 6:21सामान्य

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
रोगशाम 6:21 – रात 7:45अशुभ
कालरात 7:45 – रात 9:09अशुभ
लाभरात 9:09 – रात 10:33शुभ
उद्वेगरात 10:33 – रात 11:57अशुभ
शुभरात 11:57 – रात 1:21 (17 अप्रैल)शुभ
अमृतरात 1:21 (17 अप्रैल) – रात 2:46 (17 अप्रैल)शुभ
चररात 2:46 (17 अप्रैल) – सुबह 4:10 (17 अप्रैल)सामान्य
रोगसुबह 4:10 (17 अप्रैल) – सुबह 5:34 (17 अप्रैल)अशुभ

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

समय वाराणसी (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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