🌐 भाषा

📍 वाराणसी
रविवार, 8 नवंबर 2026 विक्रम संवत 2083 कृष्ण चतुर्दशी · स्वाती आज का पंचांगआज का मंत्र
हिन्दी
ट्रेंडिंग

आज का चौघड़िया – वाराणसी

सोमवार, 22 फ़रवरी 2027 · फाल्गुन कृष्ण द्वितीया · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
अमृतसुबह 6:27 – सुबह 7:53शुभ
कालसुबह 7:53 – सुबह 9:19अशुभ
शुभसुबह 9:19 – सुबह 10:45शुभ
रोगसुबह 10:45 – दोपहर 12:11अशुभ
उद्वेगदोपहर 12:11 – दोपहर 1:37अशुभ
चरदोपहर 1:37 – दोपहर 3:03सामान्य
लाभदोपहर 3:03 – शाम 4:29शुभ
अमृतशाम 4:29 – शाम 5:55शुभ

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
चरशाम 5:55 – रात 7:29सामान्य
रोगरात 7:29 – रात 9:03अशुभ
कालरात 9:03 – रात 10:37अशुभ
लाभरात 10:37 – रात 12:11 (23 फ़र॰)शुभ
उद्वेगरात 12:11 (23 फ़र॰) – रात 1:45 (23 फ़र॰)अशुभ
शुभरात 1:45 (23 फ़र॰) – रात 3:19 (23 फ़र॰)शुभ
अमृतरात 3:19 (23 फ़र॰) – सुबह 4:53 (23 फ़र॰)शुभ
चरसुबह 4:53 (23 फ़र॰) – सुबह 6:26 (23 फ़र॰)सामान्य

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

समय वाराणसी (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

पूछें