Thought of the Day
Monday, 30 November 2026 · Margashirsha Krishna Saptami · Vikram Samvat 2083
Thought of the Day
तरुवर फल नहिं खात है, सरवर पियहि न पान।— Rahim
कहि रहीम पर काज हित, संपति सँचहि सुजान॥
Meaning: सज्जन अपनी संपत्ति दूसरों की भलाई के लिए जोड़ते हैं।
Thoughts from previous days
रहिमन देखि बड़ेन को, लघु न दीजिये डारि।
जहाँ काम आवे सुई, कहा करे तरवारि॥
रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो चटकाय।
टूटे से फिर ना मिले, मिले गाँठ परि जाय॥
माटी कहे कुम्हार से, तू क्या रौंदे मोय।
एक दिन ऐसा आएगा, मैं रौंदूगी तोय॥
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