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आज का चौघड़िया – भुवनेश्वर

मंगलवार, 3 नवंबर 2026 · कार्तिक कृष्ण नवमी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
रोगसुबह 5:49 – सुबह 7:14अशुभ
उद्वेगसुबह 7:14 – सुबह 8:39अशुभ
चरसुबह 8:39 – सुबह 10:04सामान्य
लाभसुबह 10:04 – सुबह 11:30शुभ
अमृतसुबह 11:30 – दोपहर 12:55शुभ
कालदोपहर 12:55 – दोपहर 2:20अशुभ
शुभदोपहर 2:20 – दोपहर 3:45शुभ
रोगदोपहर 3:45 – शाम 5:10अशुभ

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
कालशाम 5:10 – शाम 6:45अशुभ
लाभशाम 6:45 – रात 8:20शुभ
उद्वेगरात 8:20 – रात 9:55अशुभ
शुभरात 9:55 – रात 11:30शुभ
अमृतरात 11:30 – रात 1:05 (4 नव॰)शुभ
चररात 1:05 (4 नव॰) – रात 2:40 (4 नव॰)सामान्य
रोगरात 2:40 (4 नव॰) – सुबह 4:14 (4 नव॰)अशुभ
कालसुबह 4:14 (4 नव॰) – सुबह 5:49 (4 नव॰)अशुभ

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

समय भुवनेश्वर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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