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आज का चौघड़िया – भुवनेश्वर

बुधवार, 4 नवंबर 2026 · कार्तिक कृष्ण दशमी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
लाभसुबह 5:49 – सुबह 7:14शुभ
अमृतसुबह 7:14 – सुबह 8:40शुभ
कालसुबह 8:40 – सुबह 10:05अशुभ
शुभसुबह 10:05 – सुबह 11:30शुभ
रोगसुबह 11:30 – दोपहर 12:55अशुभ
उद्वेगदोपहर 12:55 – दोपहर 2:20अशुभ
चरदोपहर 2:20 – दोपहर 3:45सामान्य
लाभदोपहर 3:45 – शाम 5:10शुभ

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
उद्वेगशाम 5:10 – शाम 6:45अशुभ
शुभशाम 6:45 – रात 8:20शुभ
अमृतरात 8:20 – रात 9:55शुभ
चररात 9:55 – रात 11:30सामान्य
रोगरात 11:30 – रात 1:05 (5 नव॰)अशुभ
कालरात 1:05 (5 नव॰) – रात 2:40 (5 नव॰)अशुभ
लाभरात 2:40 (5 नव॰) – सुबह 4:15 (5 नव॰)शुभ
उद्वेगसुबह 4:15 (5 नव॰) – सुबह 5:50 (5 नव॰)अशुभ

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

समय भुवनेश्वर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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