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आज का चौघड़िया – जयपुर

बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 · आश्विन शुक्ल दशमी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
लाभसुबह 6:29 – सुबह 7:55शुभ
अमृतसुबह 7:55 – सुबह 9:20शुभ
कालसुबह 9:20 – सुबह 10:45अशुभ
शुभसुबह 10:45 – दोपहर 12:11शुभ
रोगदोपहर 12:11 – दोपहर 1:36अशुभ
उद्वेगदोपहर 1:36 – दोपहर 3:02अशुभ
चरदोपहर 3:02 – शाम 4:27सामान्य
लाभशाम 4:27 – शाम 5:53शुभ

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
उद्वेगशाम 5:53 – रात 7:27अशुभ
शुभरात 7:27 – रात 9:02शुभ
अमृतरात 9:02 – रात 10:37शुभ
चररात 10:37 – रात 12:11 (22 अक्टू॰)सामान्य
रोगरात 12:11 (22 अक्टू॰) – रात 1:46 (22 अक्टू॰)अशुभ
कालरात 1:46 (22 अक्टू॰) – रात 3:20 (22 अक्टू॰)अशुभ
लाभरात 3:20 (22 अक्टू॰) – सुबह 4:55 (22 अक्टू॰)शुभ
उद्वेगसुबह 4:55 (22 अक्टू॰) – सुबह 6:30 (22 अक्टू॰)अशुभ

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

समय जयपुर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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