आज का चौघड़िया – जयपुर
शनिवार, 7 नवंबर 2026 · कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी · विक्रम संवत 2083
⏱️ अभी का समय कैसा है?
सुबह 10:49 परअभी का चौघड़ियाउद्वेग · अशुभदोपहर 12:10 तक
इसके बादचर · सामान्यदोपहर 12:10 – दोपहर 1:32
अभी की होराशुक्रसुबह 11:15 तक
☀️ दिन का चौघड़िया
| चौघड़िया | समय | फल |
|---|---|---|
| काल | सुबह 6:40 – सुबह 8:03 | अशुभ |
| शुभ | सुबह 8:03 – सुबह 9:25 | शुभ |
| रोग | सुबह 9:25 – सुबह 10:47 | अशुभ |
| उद्वेग | सुबह 10:47 – दोपहर 12:10 | अशुभ |
| चर | दोपहर 12:10 – दोपहर 1:32 | सामान्य |
| लाभ | दोपहर 1:32 – दोपहर 2:55 | शुभ |
| अमृत | दोपहर 2:55 – शाम 4:17 | शुभ |
| काल | शाम 4:17 – शाम 5:40 | अशुभ |
🌙 रात का चौघड़िया
| चौघड़िया | समय | फल |
|---|---|---|
| लाभ | शाम 5:40 – रात 7:17 | शुभ |
| उद्वेग | रात 7:17 – रात 8:55 | अशुभ |
| शुभ | रात 8:55 – रात 10:33 | शुभ |
| अमृत | रात 10:33 – रात 12:10 (8 नव॰) | शुभ |
| चर | रात 12:10 (8 नव॰) – रात 1:48 (8 नव॰) | सामान्य |
| रोग | रात 1:48 (8 नव॰) – रात 3:26 (8 नव॰) | अशुभ |
| काल | रात 3:26 (8 नव॰) – सुबह 5:03 (8 नव॰) | अशुभ |
| लाभ | सुबह 5:03 (8 नव॰) – सुबह 6:41 (8 नव॰) | शुभ |
चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।
🌆 प्रमुख शहरों का चौघड़िया
समय जयपुर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।