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📍 नई दिल्ली शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 विक्रम संवत 2083 कृष्ण द्वादशी · हस्त आज का पंचांगआज का मंत्र
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आज का चौघड़िया – जयपुर

शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 · कार्तिक कृष्ण द्वादशी · विक्रम संवत 2083

⏱️ अभी का समय कैसा है?

सुबह 10:58 पर
अभी का चौघड़ियाकाल · अशुभदोपहर 12:10 तक
इसके बादशुभदोपहर 12:10 – दोपहर 1:32
अभी की होरागुरुसुबह 11:15 तक

अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया नए काम के लिए अच्छे माने जाते हैं; रोग, काल और उद्वेग में शुभ काम टालें।

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
चरसुबह 6:39 – सुबह 8:02सामान्य
लाभसुबह 8:02 – सुबह 9:25शुभ
अमृतसुबह 9:25 – सुबह 10:47शुभ
कालसुबह 10:47 – दोपहर 12:10अशुभ
शुभदोपहर 12:10 – दोपहर 1:32शुभ
रोगदोपहर 1:32 – दोपहर 2:55अशुभ
उद्वेगदोपहर 2:55 – शाम 4:18अशुभ
चरशाम 4:18 – शाम 5:40सामान्य

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
रोगशाम 5:40 – रात 7:18अशुभ
कालरात 7:18 – रात 8:55अशुभ
लाभरात 8:55 – रात 10:33शुभ
उद्वेगरात 10:33 – रात 12:10 (7 नव॰)अशुभ
शुभरात 12:10 (7 नव॰) – रात 1:48 (7 नव॰)शुभ
अमृतरात 1:48 (7 नव॰) – रात 3:25 (7 नव॰)शुभ
चररात 3:25 (7 नव॰) – सुबह 5:03 (7 नव॰)सामान्य
रोगसुबह 5:03 (7 नव॰) – सुबह 6:40 (7 नव॰)अशुभ

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

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समय जयपुर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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