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आज का चौघड़िया – जयपुर

मंगलवार, 10 नवंबर 2026 · कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
रोगसुबह 6:42 – सुबह 8:04अशुभ
उद्वेगसुबह 8:04 – सुबह 9:26अशुभ
चरसुबह 9:26 – सुबह 10:48सामान्य
लाभसुबह 10:48 – दोपहर 12:10शुभ
अमृतदोपहर 12:10 – दोपहर 1:32शुभ
कालदोपहर 1:32 – दोपहर 2:54अशुभ
शुभदोपहर 2:54 – शाम 4:16शुभ
रोगशाम 4:16 – शाम 5:38अशुभ

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
कालशाम 5:38 – रात 7:16अशुभ
लाभरात 7:16 – रात 8:54शुभ
उद्वेगरात 8:54 – रात 10:32अशुभ
शुभरात 10:32 – रात 12:10 (11 नव॰)शुभ
अमृतरात 12:10 (11 नव॰) – रात 1:49 (11 नव॰)शुभ
चररात 1:49 (11 नव॰) – रात 3:27 (11 नव॰)सामान्य
रोगरात 3:27 (11 नव॰) – सुबह 5:05 (11 नव॰)अशुभ
कालसुबह 5:05 (11 नव॰) – सुबह 6:43 (11 नव॰)अशुभ

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

समय जयपुर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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