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आज का चौघड़िया – जयपुर

गुरुवार, 12 नवंबर 2026 · कार्तिक शुक्ल तृतीया · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
शुभसुबह 6:44 – सुबह 8:05शुभ
रोगसुबह 8:05 – सुबह 9:27अशुभ
उद्वेगसुबह 9:27 – सुबह 10:49अशुभ
चरसुबह 10:49 – दोपहर 12:10सामान्य
लाभदोपहर 12:10 – दोपहर 1:32शुभ
अमृतदोपहर 1:32 – दोपहर 2:54शुभ
कालदोपहर 2:54 – शाम 4:15अशुभ
शुभशाम 4:15 – शाम 5:37शुभ

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
अमृतशाम 5:37 – रात 7:15शुभ
चररात 7:15 – रात 8:54सामान्य
रोगरात 8:54 – रात 10:32अशुभ
कालरात 10:32 – रात 12:11 (13 नव॰)अशुभ
लाभरात 12:11 (13 नव॰) – रात 1:49 (13 नव॰)शुभ
उद्वेगरात 1:49 (13 नव॰) – रात 3:28 (13 नव॰)अशुभ
शुभरात 3:28 (13 नव॰) – सुबह 5:06 (13 नव॰)शुभ
अमृतसुबह 5:06 (13 नव॰) – सुबह 6:44 (13 नव॰)शुभ

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

समय जयपुर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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