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आज का चौघड़िया – वाराणसी

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 · आश्विन शुक्ल द्वादशी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
चरसुबह 6:00 – सुबह 7:25सामान्य
लाभसुबह 7:25 – सुबह 8:51शुभ
अमृतसुबह 8:51 – सुबह 10:16शुभ
कालसुबह 10:16 – सुबह 11:42अशुभ
शुभसुबह 11:42 – दोपहर 1:07शुभ
रोगदोपहर 1:07 – दोपहर 2:33अशुभ
उद्वेगदोपहर 2:33 – दोपहर 3:58अशुभ
चरदोपहर 3:58 – शाम 5:24सामान्य

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
रोगशाम 5:24 – शाम 6:58अशुभ
कालशाम 6:58 – रात 8:33अशुभ
लाभरात 8:33 – रात 10:07शुभ
उद्वेगरात 10:07 – रात 11:42अशुभ
शुभरात 11:42 – रात 1:17 (24 अक्टू॰)शुभ
अमृतरात 1:17 (24 अक्टू॰) – रात 2:51 (24 अक्टू॰)शुभ
चररात 2:51 (24 अक्टू॰) – सुबह 4:26 (24 अक्टू॰)सामान्य
रोगसुबह 4:26 (24 अक्टू॰) – सुबह 6:01 (24 अक्टू॰)अशुभ

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

समय वाराणसी (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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