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आज का चौघड़िया – वाराणसी

गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 · आश्विन शुक्ल एकादशी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
शुभसुबह 5:59 – सुबह 7:25शुभ
रोगसुबह 7:25 – सुबह 8:51अशुभ
उद्वेगसुबह 8:51 – सुबह 10:16अशुभ
चरसुबह 10:16 – सुबह 11:42सामान्य
लाभसुबह 11:42 – दोपहर 1:08शुभ
अमृतदोपहर 1:08 – दोपहर 2:33शुभ
कालदोपहर 2:33 – दोपहर 3:59अशुभ
शुभदोपहर 3:59 – शाम 5:24शुभ

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
अमृतशाम 5:24 – शाम 6:59शुभ
चरशाम 6:59 – रात 8:33सामान्य
रोगरात 8:33 – रात 10:08अशुभ
कालरात 10:08 – रात 11:42अशुभ
लाभरात 11:42 – रात 1:17 (23 अक्टू॰)शुभ
उद्वेगरात 1:17 (23 अक्टू॰) – रात 2:51 (23 अक्टू॰)अशुभ
शुभरात 2:51 (23 अक्टू॰) – सुबह 4:26 (23 अक्टू॰)शुभ
अमृतसुबह 4:26 (23 अक्टू॰) – सुबह 6:00 (23 अक्टू॰)शुभ

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

समय वाराणसी (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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