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आज का चौघड़िया – वाराणसी

बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 · आश्विन शुक्ल दशमी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
लाभसुबह 5:59 – सुबह 7:25शुभ
अमृतसुबह 7:25 – सुबह 8:51शुभ
कालसुबह 8:51 – सुबह 10:16अशुभ
शुभसुबह 10:16 – सुबह 11:42शुभ
रोगसुबह 11:42 – दोपहर 1:08अशुभ
उद्वेगदोपहर 1:08 – दोपहर 2:34अशुभ
चरदोपहर 2:34 – शाम 4:00सामान्य
लाभशाम 4:00 – शाम 5:25शुभ

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
उद्वेगशाम 5:25 – रात 7:00अशुभ
शुभरात 7:00 – रात 8:34शुभ
अमृतरात 8:34 – रात 10:08शुभ
चररात 10:08 – रात 11:42सामान्य
रोगरात 11:42 – रात 1:17 (22 अक्टू॰)अशुभ
कालरात 1:17 (22 अक्टू॰) – रात 2:51 (22 अक्टू॰)अशुभ
लाभरात 2:51 (22 अक्टू॰) – सुबह 4:25 (22 अक्टू॰)शुभ
उद्वेगसुबह 4:25 (22 अक्टू॰) – सुबह 5:59 (22 अक्टू॰)अशुभ

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

समय वाराणसी (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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