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आज का चौघड़िया – वाराणसी

मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 · आश्विन शुक्ल नवमी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
रोगसुबह 5:58 – सुबह 7:24अशुभ
उद्वेगसुबह 7:24 – सुबह 8:50अशुभ
चरसुबह 8:50 – सुबह 10:16सामान्य
लाभसुबह 10:16 – सुबह 11:42शुभ
अमृतसुबह 11:42 – दोपहर 1:08शुभ
कालदोपहर 1:08 – दोपहर 2:34अशुभ
शुभदोपहर 2:34 – शाम 4:00शुभ
रोगशाम 4:00 – शाम 5:26अशुभ

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
कालशाम 5:26 – रात 7:00अशुभ
लाभरात 7:00 – रात 8:34शुभ
उद्वेगरात 8:34 – रात 10:08अशुभ
शुभरात 10:08 – रात 11:43शुभ
अमृतरात 11:43 – रात 1:17 (21 अक्टू॰)शुभ
चररात 1:17 (21 अक्टू॰) – रात 2:51 (21 अक्टू॰)सामान्य
रोगरात 2:51 (21 अक्टू॰) – सुबह 4:25 (21 अक्टू॰)अशुभ
कालसुबह 4:25 (21 अक्टू॰) – सुबह 5:59 (21 अक्टू॰)अशुभ

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

समय वाराणसी (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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