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आज का चौघड़िया – वाराणसी

शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 · कार्तिक कृष्ण पंचमी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
चरसुबह 6:04 – सुबह 7:28सामान्य
लाभसुबह 7:28 – सुबह 8:53शुभ
अमृतसुबह 8:53 – सुबह 10:17शुभ
कालसुबह 10:17 – सुबह 11:41अशुभ
शुभसुबह 11:41 – दोपहर 1:05शुभ
रोगदोपहर 1:05 – दोपहर 2:30अशुभ
उद्वेगदोपहर 2:30 – दोपहर 3:54अशुभ
चरदोपहर 3:54 – शाम 5:18सामान्य

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
रोगशाम 5:18 – शाम 6:54अशुभ
कालशाम 6:54 – रात 8:30अशुभ
लाभरात 8:30 – रात 10:06शुभ
उद्वेगरात 10:06 – रात 11:41अशुभ
शुभरात 11:41 – रात 1:17 (31 अक्टू॰)शुभ
अमृतरात 1:17 (31 अक्टू॰) – रात 2:53 (31 अक्टू॰)शुभ
चररात 2:53 (31 अक्टू॰) – सुबह 4:29 (31 अक्टू॰)सामान्य
रोगसुबह 4:29 (31 अक्टू॰) – सुबह 6:05 (31 अक्टू॰)अशुभ

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

समय वाराणसी (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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