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आज का चौघड़िया – वाराणसी

सोमवार, 2 नवंबर 2026 · कार्तिक कृष्ण अष्टमी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
अमृतसुबह 6:06 – सुबह 7:30शुभ
कालसुबह 7:30 – सुबह 8:53अशुभ
शुभसुबह 8:53 – सुबह 10:17शुभ
रोगसुबह 10:17 – सुबह 11:41अशुभ
उद्वेगसुबह 11:41 – दोपहर 1:05अशुभ
चरदोपहर 1:05 – दोपहर 2:29सामान्य
लाभदोपहर 2:29 – दोपहर 3:52शुभ
अमृतदोपहर 3:52 – शाम 5:16शुभ

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
चरशाम 5:16 – शाम 6:53सामान्य
रोगशाम 6:53 – रात 8:29अशुभ
कालरात 8:29 – रात 10:05अशुभ
लाभरात 10:05 – रात 11:41शुभ
उद्वेगरात 11:41 – रात 1:18 (3 नव॰)अशुभ
शुभरात 1:18 (3 नव॰) – रात 2:54 (3 नव॰)शुभ
अमृतरात 2:54 (3 नव॰) – सुबह 4:30 (3 नव॰)शुभ
चरसुबह 4:30 (3 नव॰) – सुबह 6:06 (3 नव॰)सामान्य

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

समय वाराणसी (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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