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आज का चौघड़िया – वाराणसी

बुधवार, 4 नवंबर 2026 · कार्तिक कृष्ण दशमी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
लाभसुबह 6:07 – सुबह 7:31शुभ
अमृतसुबह 7:31 – सुबह 8:54शुभ
कालसुबह 8:54 – सुबह 10:18अशुभ
शुभसुबह 10:18 – सुबह 11:41शुभ
रोगसुबह 11:41 – दोपहर 1:05अशुभ
उद्वेगदोपहर 1:05 – दोपहर 2:28अशुभ
चरदोपहर 2:28 – दोपहर 3:51सामान्य
लाभदोपहर 3:51 – शाम 5:15शुभ

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
उद्वेगशाम 5:15 – शाम 6:52अशुभ
शुभशाम 6:52 – रात 8:28शुभ
अमृतरात 8:28 – रात 10:05शुभ
चररात 10:05 – रात 11:41सामान्य
रोगरात 11:41 – रात 1:18 (5 नव॰)अशुभ
कालरात 1:18 (5 नव॰) – रात 2:55 (5 नव॰)अशुभ
लाभरात 2:55 (5 नव॰) – सुबह 4:31 (5 नव॰)शुभ
उद्वेगसुबह 4:31 (5 नव॰) – सुबह 6:08 (5 नव॰)अशुभ

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

समय वाराणसी (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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