Thought of the Day
Thursday, 3 December 2026 · Margashirsha Krishna Dashami · Vikram Samvat 2083
Thought of the Day
कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।— Bhagavad Gita 2.47
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥
Meaning: तुम्हारा अधिकार केवल कर्म पर है, फल पर नहीं। फल की चिंता छोड़कर कर्म करो।
Thoughts from previous days
दया धर्म का मूल है, पाप मूल अभिमान।
तुलसी दया न छाँड़िए, जब लग घट में प्रान॥
तुलसी मीठे बचन ते, सुख उपजत चहुँ ओर।
बसीकरन इक मंत्र है, परिहरु बचन कठोर॥
तरुवर फल नहिं खात है, सरवर पियहि न पान।
कहि रहीम पर काज हित, संपति सँचहि सुजान॥
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