Aarti Kije Hanuman Lala Ki is sung on Tuesdays, Saturdays and Hanuman Jayanti after reciting the Hanuman Chalisa.
🪔 Aarti Kije Hanuman Lala Ki
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥
जाके बल से गिरिवर काँपे। रोग दोष जाके निकट न झाँके॥
अंजनि पुत्र महा बलदाई। संतन के प्रभु सदा सहाई॥
दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारि सिया सुधि लाए॥
लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई॥
लंका जारि असुर संहारे। सियारामजी के काज सँवारे॥
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आनि सजीवन प्राण उबारे॥
पैठि पाताल तोरि जम कारे। अहिरावण की भुजा उखारे॥
बाएं भुजा असुर दल मारे। दाहिने भुजा संतजन तारे॥
सुर नर मुनि आरती उतारें। जय जय जय हनुमान उचारें॥
कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई॥
जो हनुमानजी की आरती गावे। बसि बैकुंठ परम पद पावे॥
🙏 Benefits & How to Recite
It is believed to give courage, protection and freedom from fear.
Last updated: 3 Nov 2026