छठ पूजा 2027: गुरुवार, 4 नवंबर 2027
छठ पूजा 2027 का महत्व
छठ मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कार्तिक शुक्ल षष्ठी को मनाया जाता है। भक्त पृथ्वी पर जीवन के लिए सूर्य का आभार व्यक्त करते हैं और संतान की कुशलता के लिए छठी मैया से प्रार्थना करते हैं।
तिथि: 2027 में छठ पूजा गुरुवार, 4 नवंबर 2027 को है। मुहूर्त का सटीक समय आपके शहर पर निर्भर करता है।
कैसे मनाते हैं
चार दिनों तक व्रती पूरी पवित्रता से रहते हैं – नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य। बाँस के सूप और डाले में ठेकुआ, केला, नारियल, गन्ना, सिंघाड़ा और नींबू सजाकर घाट तक ले जाया जाता है और छठी मैया के गीत गाए जाते हैं। उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद प्रसाद बाँटकर व्रत खोला जाता है।
ध्यान रखने योग्य बातें
- घाट की सफ़ाई में हाथ बँटाएँ और नदी में प्लास्टिक न डालें।
- व्रती के लिए जल में खड़े होने की जगह सुरक्षित और उथली हो।
- प्रसाद में प्याज़-लहसुन और सामान्य नमक का प्रयोग नहीं होता।
🪔 पूजा विधि
- पहला दिन नहाय-खाय: पवित्र स्नान और सादा सात्विक भोजन
- दूसरा दिन खरना: दिन भर व्रत, शाम को खीर और रोटी
- तीसरा दिन: जल में खड़े होकर डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य दें
- चौथा दिन: उगते सूर्य को उषा अर्घ्य देकर व्रत खोलें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
छठ पूजा 2027 कब है?
छठ पूजा 2027 गुरुवार, 4 नवंबर 2027 को है।
अंतिम अपडेट: 3 नव॰ 2026 · क्षेत्र और परंपरा के अनुसार तिथियाँ भिन्न हो सकती हैं।