30नव॰ 2026
26 दिन बाद
कालभैरव जयंती 2026: सोमवार, 30 नवंबर 2026
कालभैरव जयंती 2026 का महत्व
मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी को भगवान शिव ने काल भैरव का रूप धारण किया था। मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से भय, नकारात्मकता और बाधाएँ दूर होती हैं।
तिथि: 2026 में कालभैरव जयंती सोमवार, 30 नवंबर 2026 को है। मुहूर्त का सटीक समय आपके शहर पर निर्भर करता है।
🪔 पूजा विधि
- भैरव मंदिर जाकर सरसों का तेल, काले तिल और फूल अर्पित करें
- सरसों के तेल का दीया जलाकर कालभैरव अष्टकम का पाठ करें
- भैरव के वाहन माने जाने वाले कुत्तों को भोजन कराएँ
- संभव हो तो रात में भजन करते हुए जागरण करें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कालभैरव जयंती 2026 कब है?
कालभैरव जयंती 2026 सोमवार, 30 नवंबर 2026 को है।
अंतिम अपडेट: 3 नव॰ 2026 · क्षेत्र और परंपरा के अनुसार तिथियाँ भिन्न हो सकती हैं।