21नव॰ 2027
382 दिन बाद
कालभैरव जयंती 2027: रविवार, 21 नवंबर 2027
कालभैरव जयंती 2027 का महत्व
शिव पुराण के अनुसार ब्रह्मा का अहंकार तोड़ने के लिए शिव के क्रोध से भैरव प्रकट हुए। वे पवित्र नगरी काशी की रक्षा करते हैं, इसलिए वाराणसी आने वाले तीर्थयात्री काल भैरव मंदिर में उनकी अनुमति लेते हैं।
मान्यता है कि भैरव भक्तों को भय, काले जादू और राहु-शनि के कष्टों से मुक्त करते हैं।
कालभैरव जयंती 2027 की तिथि: रविवार, 21 नवंबर 2027। मुहूर्त का सटीक समय जानने के लिए अपने स्थानीय पंचांग देखें।
🪔 पूजा विधि
- स्नान करके काले तिल, सरसों के तेल और नीले फूलों से भैरव की पूजा करें
- जलेबी, इमरती या उड़द दाल के वड़े का भोग लगाएँ
- भैरव चालीसा या कालभैरव अष्टकम का पाठ करें
- कुत्तों और गरीबों को भोजन दें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2027 में कालभैरव जयंती की तिथि क्या है?
2027 में कालभैरव जयंती रविवार, 21 नवंबर 2027 को है।
अंतिम अपडेट: 3 नव॰ 2026 · क्षेत्र और परंपरा के अनुसार तिथियाँ भिन्न हो सकती हैं।