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कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली) 2027: तिथि, पूजा विधि और महत्व

कार्तिक पूर्णिमा 2027 नदी स्नान, दीपदान और काशी के घाटों पर देव दीपावली के साथ पवित्र कार्तिक मास का समापन करती है।

14नव॰ 2027
374 दिन बाद

कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली) 2027: रविवार, 14 नवंबर 2027

कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली) 2027 का महत्व

यह दिन विष्णु के मत्स्य अवतार और त्रिपुरारी के रूप में शिव की विजय से जुड़ा है। जैन इस दिन पालीताणा की तीर्थयात्रा करते हैं और सिख गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व मनाते हैं।

इस पूर्णिमा पर पुष्कर मेला अपने चरम पर होता है और ओडिशा में प्राचीन समुद्री व्यापारियों की याद में छोटी नावें (बोइता बंदना) तैराई जाती हैं।

कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली) 2027 की तिथि: रविवार, 14 नवंबर 2027। मुहूर्त का सटीक समय जानने के लिए अपने स्थानीय पंचांग देखें।

कैसे मनाते हैं

काशी के 80 से अधिक घाटों पर लाखों दीये जलाकर देव दीपावली मनाई जाती है और गंगा आरती का भव्य दृश्य होता है। सिख समुदाय गुरुद्वारों में अखंड पाठ, कीर्तन और लंगर के साथ गुरु नानक जयंती मनाता है। पुष्कर में ऊँट मेला अपने चरम पर होता है और ओडिशा में बोइता बंदना पर छोटी नावें तैराई जाती हैं।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • कार्तिक मास के अंतिम स्नान का विशेष महत्व है; भोर में स्नान करें।
  • दीपदान नदी, तालाब या तुलसी के पास करें।
  • अन्न और वस्त्र दान से इस दिन बहुत पुण्य मिलता है।

🪔 पूजा विधि

  1. भोर में नदी या पवित्र सरोवर में स्नान करें
  2. शाम को जल पर या मंदिर में दीप जलाएँ
  3. भगवान विष्णु को तुलसी और दीप अर्पित करें
  4. ज़रूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या कंबल दान करें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली) की तिथि क्या है?

2027 में कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली) रविवार, 14 नवंबर 2027 को है।

अंतिम अपडेट: 3 नव॰ 2026 · क्षेत्र और परंपरा के अनुसार तिथियाँ भिन्न हो सकती हैं।

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