6मार्च 2027
121 दिन बाद
महाशिवरात्रि 2027: शनिवार, 6 मार्च 2027
महाशिवरात्रि 2027 का महत्व
महाशिवरात्रि पर उपवास, रात भर पूजा और शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है।
कैसे मनाते हैं
भक्त दिन भर उपवास रखते हैं और रात के चार प्रहरों में शिवलिंग का जल, दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक करते हैं। बेलपत्र, धतूरा, भांग और सफ़ेद फूल अर्पित किए जाते हैं और 'ॐ नमः शिवाय' का जाप होता है। मान्यता है कि इसी रात शिव-पार्वती का विवाह हुआ था और शिव ने लिंग रूप में प्रकट होकर दर्शन दिए थे।
ध्यान रखने योग्य बातें
- बेलपत्र तीन पत्तियों वाला और बिना कटा-फटा हो; चिकनी सतह शिवलिंग की ओर रखें।
- शिवलिंग पर हल्दी, सिंदूर और तुलसी अर्पित नहीं की जाती।
- रात्रि जागरण में भजन-कीर्तन करें और अगली सुबह व्रत खोलें।
🪔 पूजा विधि
- दिन भर उपवास रखें।
- जल, दूध और बेलपत्र से अभिषेक करें।
- रात के चारों प्रहर में पूजा करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
महाशिवरात्रि 2027 कब है?
महाशिवरात्रि 2027 शनिवार, 6 मार्च 2027 को है।
अंतिम अपडेट: 3 नव॰ 2026 · क्षेत्र और परंपरा के अनुसार तिथियाँ भिन्न हो सकती हैं।