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मकर संक्रांति 2027: तिथि, पूजा विधि और महत्व

सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का फसल उत्सव।

14जन॰ 2027
70 दिन बाद

मकर संक्रांति 2027: गुरुवार, 14 जनवरी 2027

मकर संक्रांति 2027 का महत्व

मकर संक्रांति से उत्तरायण की शुरुआत होती है। इस दिन पतंग उड़ाई जाती है, तिल-गुड़ बाँटा जाता है और पवित्र स्नान किया जाता है।

कैसे मनाते हैं

इस दिन सूर्य धनु से मकर राशि में प्रवेश करते हैं, इसलिए यह हर वर्ष लगभग 14-15 जनवरी को आती है। लोग गंगा, यमुना या संगम में स्नान करते हैं, तिल-गुड़ के लड्डू और खिचड़ी बनाते हैं और पतंग उड़ाते हैं। अलग-अलग राज्यों में इसे खिचड़ी, उत्तरायण, पोंगल, माघ बिहू और लोहड़ी के रूप में मनाया जाता है।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • स्नान के बाद तिल, गुड़, खिचड़ी, कंबल या गर्म कपड़ों का दान करें।
  • पतंग उड़ाते समय चीनी मांझे का प्रयोग न करें, यह पक्षियों और लोगों के लिए घातक है।
  • सूर्य को तांबे के लोटे से जल में तिल और लाल फूल डालकर अर्घ्य दें।

🪔 पूजा विधि

  1. सुबह जल्दी पवित्र स्नान करें।
  2. सूर्य देव को जल अर्पित करें।
  3. तिल, गुड़ और कंबल का दान करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मकर संक्रांति 2027 कब है?

मकर संक्रांति 2027 गुरुवार, 14 जनवरी 2027 को है।

अंतिम अपडेट: 3 नव॰ 2026 · क्षेत्र और परंपरा के अनुसार तिथियाँ भिन्न हो सकती हैं।

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