पितृ पक्ष आरंभ 2027: गुरुवार, 16 सितंबर 2027
पितृ पक्ष आरंभ 2027 का महत्व
आश्विन (पूर्णिमांत पंचांग में भाद्रपद) के कृष्ण पक्ष में माना जाता है कि पूर्वज पृथ्वी पर आते हैं। पूर्वज की तिथि पर श्राद्ध करने से उनका आशीर्वाद मिलता है। सर्व पितृ अमावस्या अंतिम दिन है।
तिथि: 2027 में पितृ पक्ष आरंभ गुरुवार, 16 सितंबर 2027 को है। मुहूर्त का सटीक समय आपके शहर पर निर्भर करता है।
कैसे मनाते हैं
इन 16 दिनों में परिवार अपने पूर्वजों की तिथि पर श्राद्ध करते हैं – तर्पण, पिंडदान और ब्राह्मण भोजन। भोजन का एक भाग गाय, कौए, कुत्ते और चींटियों के लिए निकाला जाता है (पंचबलि)। गया, वाराणसी, प्रयागराज और हरिद्वार में पिंडदान का विशेष महत्व है।
ध्यान रखने योग्य बातें
- तिथि याद न हो तो सर्व पितृ अमावस्या पर श्राद्ध करें।
- इस अवधि में नई खरीदारी, विवाह और गृह प्रवेश नहीं किए जाते।
- श्राद्ध का भोजन सात्विक हो, प्याज़-लहसुन रहित।
🪔 पूजा विधि
- जल, काले तिल और कुशा से तर्पण करें
- पूर्वज की तिथि पर पिंडदान करें
- ब्राह्मणों, गायों, कौओं और कुत्तों को भोजन कराएँ
- नई खरीदारी और उत्सवों से बचें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पितृ पक्ष 2027 कब से शुरू है?
पितृ पक्ष 2027 गुरुवार, 16 सितंबर 2027 से शुरू होगा।
अंतिम अपडेट: 3 नव॰ 2026 · क्षेत्र और परंपरा के अनुसार तिथियाँ भिन्न हो सकती हैं।