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आज की होरा – बेंगलुरु

गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 · आश्विन शुक्ल एकादशी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
गुरुसुबह 6:10 – सुबह 7:09पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलसुबह 7:09 – सुबह 8:08भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यसुबह 8:08 – सुबह 9:07सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रसुबह 9:07 – सुबह 10:06कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधसुबह 10:06 – सुबह 11:05पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रसुबह 11:05 – दोपहर 12:04यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिदोपहर 12:04 – दोपहर 1:02मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुदोपहर 1:02 – दोपहर 2:01पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलदोपहर 2:01 – दोपहर 3:00भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यदोपहर 3:00 – दोपहर 3:59सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रदोपहर 3:59 – शाम 4:58कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधशाम 4:58 – शाम 5:57पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार

🌙 रात की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
चंद्रशाम 5:57 – शाम 6:58यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिशाम 6:58 – रात 7:59मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुरात 7:59 – रात 9:00पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलरात 9:00 – रात 10:01भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यरात 10:01 – रात 11:02सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्ररात 11:02 – रात 12:04 (23 अक्टू॰)कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधरात 12:04 (23 अक्टू॰) – रात 1:05 (23 अक्टू॰)पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्ररात 1:05 (23 अक्टू॰) – रात 2:06 (23 अक्टू॰)यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिरात 2:06 (23 अक्टू॰) – रात 3:07 (23 अक्टू॰)मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुरात 3:07 (23 अक्टू॰) – सुबह 4:08 (23 अक्टू॰)पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलसुबह 4:08 (23 अक्टू॰) – सुबह 5:09 (23 अक्टू॰)भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यसुबह 5:09 (23 अक्टू॰) – सुबह 6:11 (23 अक्टू॰)सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम

होरा क्या है?

दिन और रात को बारह-बारह भागों में बाँटकर हर भाग को एक ग्रह की होरा कहा जाता है। सूर्योदय के समय उसी वार के स्वामी ग्रह की होरा होती है – जैसे रविवार को सूर्य की, सोमवार को चंद्र की। उसके बाद क्रम से शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल और फिर सूर्य की होरा आती है। जिस ग्रह से जुड़ा काम हो, उसकी होरा में करना शुभ माना जाता है।

समय बेंगलुरु (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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