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📍 नई दिल्ली शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 विक्रम संवत 2083 कृष्ण द्वादशी · हस्त आज का पंचांगआज का मंत्र
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आज की होरा – भोपाल

शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 · कार्तिक कृष्ण द्वादशी · विक्रम संवत 2083

⏱️ अभी का समय कैसा है?

रात 2:45 पर
अभी का चौघड़ियाउद्वेग · अशुभरात 3:16 तक
इसके बादशुभरात 3:16 – सुबह 4:52
अभी की होराशनिरात 3:16 तक

अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया नए काम के लिए अच्छे माने जाते हैं; रोग, काल और उद्वेग में शुभ काम टालें।

☀️ दिन की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
शुक्रसुबह 6:28 – सुबह 7:24कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधसुबह 7:24 – सुबह 8:20पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रसुबह 8:20 – सुबह 9:16यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिसुबह 9:16 – सुबह 10:12मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुसुबह 10:12 – सुबह 11:07पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलसुबह 11:07 – दोपहर 12:03भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यदोपहर 12:03 – दोपहर 12:59सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रदोपहर 12:59 – दोपहर 1:55कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधदोपहर 1:55 – दोपहर 2:51पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रदोपहर 2:51 – दोपहर 3:47यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिदोपहर 3:47 – शाम 4:43मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुशाम 4:43 – शाम 5:39पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश

🌙 रात की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
मंगलशाम 5:39 – शाम 6:43भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यशाम 6:43 – रात 7:47सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्ररात 7:47 – रात 8:51कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधरात 8:51 – रात 9:55पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्ररात 9:55 – रात 11:00यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिरात 11:00 – रात 12:04 (7 नव॰)मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुरात 12:04 (7 नव॰) – रात 1:08 (7 नव॰)पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलरात 1:08 (7 नव॰) – रात 2:12 (7 नव॰)भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यरात 2:12 (7 नव॰) – रात 3:16 (7 नव॰)सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्ररात 3:16 (7 नव॰) – सुबह 4:20 (7 नव॰)कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधसुबह 4:20 (7 नव॰) – सुबह 5:24 (7 नव॰)पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रसुबह 5:24 (7 नव॰) – सुबह 6:28 (7 नव॰)यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट

होरा क्या है?

दिन और रात को बारह-बारह भागों में बाँटकर हर भाग को एक ग्रह की होरा कहा जाता है। सूर्योदय के समय उसी वार के स्वामी ग्रह की होरा होती है – जैसे रविवार को सूर्य की, सोमवार को चंद्र की। उसके बाद क्रम से शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल और फिर सूर्य की होरा आती है। जिस ग्रह से जुड़ा काम हो, उसकी होरा में करना शुभ माना जाता है।

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समय भोपाल (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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