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📍 नई दिल्ली शनिवार, 7 नवंबर 2026 विक्रम संवत 2083 कृष्ण त्रयोदशी · चित्रा आज का पंचांगआज का मंत्र
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आज की होरा – गुवाहाटी

शुक्रवार, 25 दिसंबर 2026 · पौष कृष्ण द्वितीया · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
शुक्रसुबह 6:07 – सुबह 7:00कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधसुबह 7:00 – सुबह 7:52पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रसुबह 7:52 – सुबह 8:45यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिसुबह 8:45 – सुबह 9:37मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुसुबह 9:37 – सुबह 10:30पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलसुबह 10:30 – सुबह 11:23भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यसुबह 11:23 – दोपहर 12:15सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रदोपहर 12:15 – दोपहर 1:08कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधदोपहर 1:08 – दोपहर 2:00पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रदोपहर 2:00 – दोपहर 2:53यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिदोपहर 2:53 – दोपहर 3:45मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुदोपहर 3:45 – शाम 4:38पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश

🌙 रात की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
मंगलशाम 4:38 – शाम 5:45भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यशाम 5:45 – शाम 6:53सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रशाम 6:53 – रात 8:00कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधरात 8:00 – रात 9:08पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्ररात 9:08 – रात 10:15यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिरात 10:15 – रात 11:23मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुरात 11:23 – रात 12:30 (26 दिस॰)पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलरात 12:30 (26 दिस॰) – रात 1:38 (26 दिस॰)भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यरात 1:38 (26 दिस॰) – रात 2:45 (26 दिस॰)सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्ररात 2:45 (26 दिस॰) – रात 3:53 (26 दिस॰)कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधरात 3:53 (26 दिस॰) – सुबह 5:00 (26 दिस॰)पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रसुबह 5:00 (26 दिस॰) – सुबह 6:08 (26 दिस॰)यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट

होरा क्या है?

दिन और रात को बारह-बारह भागों में बाँटकर हर भाग को एक ग्रह की होरा कहा जाता है। सूर्योदय के समय उसी वार के स्वामी ग्रह की होरा होती है – जैसे रविवार को सूर्य की, सोमवार को चंद्र की। उसके बाद क्रम से शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल और फिर सूर्य की होरा आती है। जिस ग्रह से जुड़ा काम हो, उसकी होरा में करना शुभ माना जाता है।

समय गुवाहाटी (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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