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रविवार, 8 नवंबर 2026 विक्रम संवत 2083 कृष्ण चतुर्दशी · स्वाती आज का पंचांगआज का मंत्र
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आज की होरा – जयपुर

मंगलवार, 8 दिसंबर 2026 · मार्गशीर्ष कृष्ण अमावस्या · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
मंगलसुबह 7:03 – सुबह 7:55भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यसुबह 7:55 – सुबह 8:48सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रसुबह 8:48 – सुबह 9:41कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधसुबह 9:41 – सुबह 10:33पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रसुबह 10:33 – सुबह 11:26यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिसुबह 11:26 – दोपहर 12:18मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुदोपहर 12:18 – दोपहर 1:11पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलदोपहर 1:11 – दोपहर 2:03भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यदोपहर 2:03 – दोपहर 2:56सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रदोपहर 2:56 – दोपहर 3:48कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधदोपहर 3:48 – शाम 4:41पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रशाम 4:41 – शाम 5:33यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट

🌙 रात की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
शनिशाम 5:33 – शाम 6:41मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुशाम 6:41 – रात 7:48पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलरात 7:48 – रात 8:56भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यरात 8:56 – रात 10:03सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्ररात 10:03 – रात 11:11कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधरात 11:11 – रात 12:18 (9 दिस॰)पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्ररात 12:18 (9 दिस॰) – रात 1:26 (9 दिस॰)यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिरात 1:26 (9 दिस॰) – रात 2:34 (9 दिस॰)मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुरात 2:34 (9 दिस॰) – रात 3:41 (9 दिस॰)पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलरात 3:41 (9 दिस॰) – सुबह 4:49 (9 दिस॰)भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यसुबह 4:49 (9 दिस॰) – सुबह 5:56 (9 दिस॰)सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रसुबह 5:56 (9 दिस॰) – सुबह 7:04 (9 दिस॰)कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम

होरा क्या है?

दिन और रात को बारह-बारह भागों में बाँटकर हर भाग को एक ग्रह की होरा कहा जाता है। सूर्योदय के समय उसी वार के स्वामी ग्रह की होरा होती है – जैसे रविवार को सूर्य की, सोमवार को चंद्र की। उसके बाद क्रम से शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल और फिर सूर्य की होरा आती है। जिस ग्रह से जुड़ा काम हो, उसकी होरा में करना शुभ माना जाता है।

समय जयपुर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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