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आज की होरा – जयपुर

सोमवार, 1 फ़रवरी 2027 · माघ कृष्ण दशमी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
चंद्रसुबह 7:12 – सुबह 8:07यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिसुबह 8:07 – सुबह 9:01मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुसुबह 9:01 – सुबह 9:56पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलसुबह 9:56 – सुबह 10:51भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यसुबह 10:51 – सुबह 11:45सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रसुबह 11:45 – दोपहर 12:40कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधदोपहर 12:40 – दोपहर 1:35पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रदोपहर 1:35 – दोपहर 2:29यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिदोपहर 2:29 – दोपहर 3:24मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुदोपहर 3:24 – शाम 4:19पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलशाम 4:19 – शाम 5:13भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यशाम 5:13 – शाम 6:08सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम

🌙 रात की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
शुक्रशाम 6:08 – रात 7:13कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधरात 7:13 – रात 8:19पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्ररात 8:19 – रात 9:24यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिरात 9:24 – रात 10:29मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुरात 10:29 – रात 11:34पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलरात 11:34 – रात 12:40 (2 फ़र॰)भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यरात 12:40 (2 फ़र॰) – रात 1:45 (2 फ़र॰)सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्ररात 1:45 (2 फ़र॰) – रात 2:50 (2 फ़र॰)कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधरात 2:50 (2 फ़र॰) – रात 3:56 (2 फ़र॰)पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्ररात 3:56 (2 फ़र॰) – सुबह 5:01 (2 फ़र॰)यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिसुबह 5:01 (2 फ़र॰) – सुबह 6:06 (2 फ़र॰)मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुसुबह 6:06 (2 फ़र॰) – सुबह 7:12 (2 फ़र॰)पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश

होरा क्या है?

दिन और रात को बारह-बारह भागों में बाँटकर हर भाग को एक ग्रह की होरा कहा जाता है। सूर्योदय के समय उसी वार के स्वामी ग्रह की होरा होती है – जैसे रविवार को सूर्य की, सोमवार को चंद्र की। उसके बाद क्रम से शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल और फिर सूर्य की होरा आती है। जिस ग्रह से जुड़ा काम हो, उसकी होरा में करना शुभ माना जाता है।

समय जयपुर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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