🌐 भाषा

📍 नई दिल्ली
शनिवार, 7 नवंबर 2026 विक्रम संवत 2083 कृष्ण त्रयोदशी · चित्रा आज का पंचांगआज का मंत्र
हिन्दी
ट्रेंडिंग

आज की होरा – जयपुर

रविवार, 18 अक्टूबर 2026 · आश्विन शुक्ल सप्तमी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
सूर्यसुबह 6:27 – सुबह 7:25सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रसुबह 7:25 – सुबह 8:22कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधसुबह 8:22 – सुबह 9:19पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रसुबह 9:19 – सुबह 10:17यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिसुबह 10:17 – सुबह 11:14मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुसुबह 11:14 – दोपहर 12:11पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलदोपहर 12:11 – दोपहर 1:09भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यदोपहर 1:09 – दोपहर 2:06सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रदोपहर 2:06 – दोपहर 3:03कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधदोपहर 3:03 – शाम 4:01पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रशाम 4:01 – शाम 4:58यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिशाम 4:58 – शाम 5:55मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य

🌙 रात की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
गुरुशाम 5:55 – शाम 6:58पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलशाम 6:58 – रात 8:01भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यरात 8:01 – रात 9:04सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्ररात 9:04 – रात 10:06कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधरात 10:06 – रात 11:09पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्ररात 11:09 – रात 12:12 (19 अक्टू॰)यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिरात 12:12 (19 अक्टू॰) – रात 1:14 (19 अक्टू॰)मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुरात 1:14 (19 अक्टू॰) – रात 2:17 (19 अक्टू॰)पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलरात 2:17 (19 अक्टू॰) – रात 3:20 (19 अक्टू॰)भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यरात 3:20 (19 अक्टू॰) – सुबह 4:23 (19 अक्टू॰)सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रसुबह 4:23 (19 अक्टू॰) – सुबह 5:25 (19 अक्टू॰)कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधसुबह 5:25 (19 अक्टू॰) – सुबह 6:28 (19 अक्टू॰)पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार

होरा क्या है?

दिन और रात को बारह-बारह भागों में बाँटकर हर भाग को एक ग्रह की होरा कहा जाता है। सूर्योदय के समय उसी वार के स्वामी ग्रह की होरा होती है – जैसे रविवार को सूर्य की, सोमवार को चंद्र की। उसके बाद क्रम से शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल और फिर सूर्य की होरा आती है। जिस ग्रह से जुड़ा काम हो, उसकी होरा में करना शुभ माना जाता है।

समय जयपुर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

पूछें