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आज की होरा – जयपुर

गुरुवार, 19 नवंबर 2026 · कार्तिक शुक्ल नवमी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
गुरुसुबह 6:49 – सुबह 7:43पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलसुबह 7:43 – सुबह 8:36भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यसुबह 8:36 – सुबह 9:30सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रसुबह 9:30 – सुबह 10:24कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधसुबह 10:24 – सुबह 11:18पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रसुबह 11:18 – दोपहर 12:12यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिदोपहर 12:12 – दोपहर 1:05मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुदोपहर 1:05 – दोपहर 1:59पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलदोपहर 1:59 – दोपहर 2:53भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यदोपहर 2:53 – दोपहर 3:47सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रदोपहर 3:47 – शाम 4:41कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधशाम 4:41 – शाम 5:34पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार

🌙 रात की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
चंद्रशाम 5:34 – शाम 6:41यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिशाम 6:41 – रात 7:47मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुरात 7:47 – रात 8:53पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलरात 8:53 – रात 9:59भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यरात 9:59 – रात 11:06सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्ररात 11:06 – रात 12:12 (20 नव॰)कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधरात 12:12 (20 नव॰) – रात 1:18 (20 नव॰)पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्ररात 1:18 (20 नव॰) – रात 2:25 (20 नव॰)यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिरात 2:25 (20 नव॰) – रात 3:31 (20 नव॰)मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुरात 3:31 (20 नव॰) – सुबह 4:37 (20 नव॰)पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलसुबह 4:37 (20 नव॰) – सुबह 5:43 (20 नव॰)भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यसुबह 5:43 (20 नव॰) – सुबह 6:50 (20 नव॰)सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम

होरा क्या है?

दिन और रात को बारह-बारह भागों में बाँटकर हर भाग को एक ग्रह की होरा कहा जाता है। सूर्योदय के समय उसी वार के स्वामी ग्रह की होरा होती है – जैसे रविवार को सूर्य की, सोमवार को चंद्र की। उसके बाद क्रम से शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल और फिर सूर्य की होरा आती है। जिस ग्रह से जुड़ा काम हो, उसकी होरा में करना शुभ माना जाता है।

समय जयपुर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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