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आज की होरा – जयपुर

शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026 · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
शुक्रसुबह 7:00 – सुबह 7:53कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधसुबह 7:53 – सुबह 8:46पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रसुबह 8:46 – सुबह 9:38यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिसुबह 9:38 – सुबह 10:31मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुसुबह 10:31 – सुबह 11:24पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलसुबह 11:24 – दोपहर 12:16भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यदोपहर 12:16 – दोपहर 1:09सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रदोपहर 1:09 – दोपहर 2:02कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधदोपहर 2:02 – दोपहर 2:55पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रदोपहर 2:55 – दोपहर 3:47यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिदोपहर 3:47 – शाम 4:40मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुशाम 4:40 – शाम 5:33पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश

🌙 रात की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
मंगलशाम 5:33 – शाम 6:40भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यशाम 6:40 – रात 7:47सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्ररात 7:47 – रात 8:55कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधरात 8:55 – रात 10:02पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्ररात 10:02 – रात 11:09यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिरात 11:09 – रात 12:17 (5 दिस॰)मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुरात 12:17 (5 दिस॰) – रात 1:24 (5 दिस॰)पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलरात 1:24 (5 दिस॰) – रात 2:31 (5 दिस॰)भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यरात 2:31 (5 दिस॰) – रात 3:39 (5 दिस॰)सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्ररात 3:39 (5 दिस॰) – सुबह 4:46 (5 दिस॰)कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधसुबह 4:46 (5 दिस॰) – सुबह 5:53 (5 दिस॰)पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रसुबह 5:53 (5 दिस॰) – सुबह 7:01 (5 दिस॰)यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट

होरा क्या है?

दिन और रात को बारह-बारह भागों में बाँटकर हर भाग को एक ग्रह की होरा कहा जाता है। सूर्योदय के समय उसी वार के स्वामी ग्रह की होरा होती है – जैसे रविवार को सूर्य की, सोमवार को चंद्र की। उसके बाद क्रम से शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल और फिर सूर्य की होरा आती है। जिस ग्रह से जुड़ा काम हो, उसकी होरा में करना शुभ माना जाता है।

समय जयपुर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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